राही की राह - 3

अपनी राह बनाने निकले
हम कितने दीवाने निकले
घर से लिए बहाने निकले
हम कैसे दीवाने निकले
तुम्हें दिए कुछ वादे निकले
तुम्हारे पास आने निकले
हम कैसे परवाने निकले
शिकवे सारे भुलाने निकले
हम तुम्हें मानने निकले...!
A silent person ✍️

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