पैसे और लोग

सब के आंखों में पैसों का लालच है
पैसों के सामने कोई अपना नहीं लानत है
रिश्ते निभाने जब हम चले
रिश्ते बने बहुत जब पैसों में दम थे
अपने हुए खफा
जब नशे में हम थे
आग लगे ऐसे पैसों में
जिसके नशे में गुम हुए हम थे...!
A silent person ✍️

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